Monday, September 18, 2017

हिमाचल प्रदेश (HP) के बारे में रोचक जानकारी

हिमाचल प्रदेश (HP) के बारे में रोचक जानकारी

👉हिमाचल प्रदेश लोक गाथाओं और सौन्दर्य की भूमि है. इसे यक्षों, गन्धर्वों और किन्नरों का प्रदेश माना जाता है ।
👉हिमालय पर्वत की गोद में बसे होने के कारण इसे हिमाचल प्रदेश कहते है ।
👉इस प्रदेश पर मौर्य कुषाण, गुप्त, कन्नौज वंश के राजाओं का शासन रहा है ।
👉 स्वतंत्रता के बाद 15 अप्रैल साल 1948 को हिमाचल प्रदेश का गठन किया गया ।
👉 साल 1954 में बिलासपुर को भी इसमें शामिल किया गया ।
👉 पंजाब पुनर्गठन एक्ट-1966 के अंतर्गत पंजाब के कुछ क्षेत्रों को हिमाचल प्रदेश में मिलाया गया ।
👉 हिमाचल प्रदेश को 25 जनवरी साल 1971 को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला.
1. Himachal Pradseh को आप पश्चिमी हिमालय भी कह सकते है जो 55,673 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैला हुआ है. प्रदेश का उत्तरी पूर्वी भाग हिमाच्छादित, रुपहले पर्वत शिखरों, प्राकृतिक नजारों से सुसज्जित है।
2. यह एक पहाडी प्रदेश है और राज्य का अधिकतर हिस्सा धौलाधार पहाडियों की तलहटी में बसा हुआ है. 6,816 मीटर की ऊँचाई पर स्थित रिवो फर्ग्याल Himachal Pradseh की सबसे ऊँची चोटी है.
3. यहां बर्फ पिघलकर बहने से राज्य की चिनाब, रावी, व्यास, सतलज और यमुना नदी साल भर बहती रहती है. शिवालय, जास्कर एवं महाहिमालय पर्वतों की चोटियां हैं.
4. Himachal Pradseh में शिल्ला (7026 मी.), रिवो फ्र्ग्याल, चुडधार एवं देवबिट्टा प्रमुख शिखर है. राज्य में बारालाचा ला, पीन पार्वती, चुआरी और चम्बा-कांगड़ा मुख्य दर्रे है.
5. राज्य के उत्तर में जम्मू-कश्मीर और दक्षिण पूर्व में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र हैं. दक्षिण और पश्चिम में यह राज्य हरियाणा और पंजाब से जुडा है.
6. Himachal Pradseh के पूर्व में तिब्बत की सीमा है. हिमाचल में उप-उष्णकटिबंधीय किस्म की वनस्पतियां पायी जाती है. यहाँ गर्मी की मौसम सुहावना एवं सर्दी की मौसम में अधिक ठंड पडती है और भारी बर्फ गिरती है. 7. यहां धमर्शाला में मूसलाधार बारिश होती है तो लाहुल-स्पीती में लगभग वर्षारहित रहते है. राज्य में शिमला और सिरमौर जिलो की उपजाऊ भूमि है बाकि जिलो में जंगल और पहाडी भूमि है. हिमाचल प्रदेश में वर्षा का औसत 181.6 है.
8. Himachal Pradseh के 66.52 प्रतिशत हिस्से पर जंगल हैं. हिमाचल में औषधीय और सुगंधित पौधों की प्रचुरता है.
9. Himachal Pradseh को “फलो का कटोरा” कहा जाता है क्योंकि यहा फलों के बगीचों की भरमार है. राज्य सरकार अब हिमाचल प्रदेश को विश्व में Flower Basket बनाने की तैयारी में है.
10. Himachal Pradseh की खडी ढलान पर अनेको मैदानी और चराई क्षेत्र है. Himachal Pradseh में 463 पक्षियों , 77 स्तनधारी जीवो , 44 सांपो और 80 मछलियों की प्रजातिया है.
11. ग्रेट हिमालयन पार्क को यूनेस्को ने World Heritage Site में शामिल कर लिया है. ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क और पिन वैली नेशनल पार्के सहित 30 वन्यजीव अभयारण्य और 3 संरक्षण स्थल है.
12. Himachal Pradseh की अर्थव्यवस्था कृषि और चरागाहों पर आश्रित है. हिमाचल में शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद में 45 प्रतिशत कृषि का योगदान है.
13. Himachal Pradseh के 93 प्रतिशत लोग सीधे तौर पर कृषि पर निर्भर है. यहां गेहू, मक्का, धान, चावल, अदरक, गलगल, चिलगोजा एवं सब्जियों की पैदावार होती है.
14. बागवानी के तहत सेब, नाशपाती, आडू, बेर, नीम्बू, लीची, अमरुद और झरबेरी का उत्पादन होता है. यहां सबसे ज्यादा धन कमाने वाली फसल सेब की खेती है.
15. फलों की खेती की जाने वाली भूमि में से अकेले सेब की खेती 49 प्रतिशत भूमि पर होती है. फलो के कुल उत्पादन में अकेले सेब का प्रतिशत 85 प्रतिशत है.
16. सेब से राज्य को लगभग 3500 करोड़ की इकोनोमी मिलती है. हिमाचल से सेब ना केवल भारत के अन्य राज्यों बल्कि विदेशो में भी निर्यात होते है.
17. पनबिजली भी राज्य का अन्य आय का महत्वपूर्ण स्त्रोत है. इससे राज्य की पनबिजली क्षमता पांच नदी घाटियों से 27,436 MW है. यहां से पंबिजली उत्पादन प्रतिवर्ष 8,418 MW होता है.
18. प्रदेश के औधोगिक क्षेत्र के तहत लगभग 350 फैक्ट्रीयों से करीब 60 हजार व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त है. यहां कृषि और बागवानी के अतिरिक्त औषधि, रेशम, इलेक्ट्रॉनिक एवं कलपुर्जों के उद्योग है.
19. राज्य में प्रमुख खनिज नमक ,स्लेट,जिप्सम ,चुना पत्थर ,बेराईट ,डोलोमाईट और पायराइट है. इस तरह देखा जाए टी यहा की कुल GDP लगभग 254 बिलियन रूपये है.
20. प्रदेश में सड़कों की कुल लम्बाई 28,208 किमी है जिसमे राष्ट्रीय राजमार्ग 1234 किमी है. हिमाचल में 8 राष्ट्रीय राजमार्ग और 19 प्रदेश राजमार्ग है.
21. हिमाचल की कुछ सड़के सर्दियों में बर्फ की वजह से और मानसून में भूस्खलन की वजह से बंद रहती है. सड़क घनत्व के मामल में हमीरपुर का नाम सबसे पहले आता है.
22. हिमाचल में रेलमार्ग की कुल लम्बाई 259 किमी है जिसमे से 23 किमी ब्रॉडगेज और 246 किमी नैरोगेज है. पठानकोट से जोगिन्दरनगर मीटर गेज और कालका से शिमला नैरोगेज लाइने है.
23. कालका-शिमला रेल लाइन को साल 2008 में यूनेस्को ने विश्व धरोहर का दर्जा दिया. हिमाचल में तीन घरेलू हवाई अड्डे भुंतर (कुल्लू), गग्गल (कांगड़ा) और शिमला एअरपोर्ट है.
24. Himachal Pradseh भारत के अन्य प्रदेशों की तरह बहुसंस्कृति और बहुभाषी प्रदेश है. यहां बोले जाने वाली मुख्य भाषा हिंदी, पंजाबी, पहाडी, डोंगरी, मंडली, कांगड़ी और किनौरी है.
25. यहां हिंदू समुदाय में ब्राह्मण, राजपूत, कन्नेत, राठी और कोली है. आदिवासी जनजातियो में यहां गाडिस, किन्नर, गुज्जर, पंगवाल और लहौली है.
26. यहां त्योहारों में पोरी, लोहड़ी, होली, कुल्लू, दशहरा, बसाओ, गोगानवमी, लोसर, राखी और दिवाली मुख्य है.
27. कुल्लू और मनाली दोनों पास-पास है. हर नवयुगल का सपना रहता है कि यहां की सैर करे. हर साल यहा लाखो पर्यटक सैर का लुत्फ़ उठाते है.
28. Himachal Pradseh में हरे भरे पहाड़ो एवं प्राकृतिक दृश्यों के भरमार है. इनके अलावा यहां पटनीटॉप, लाहौल स्पीती, धर्मशाला आदि दर्शनीय स्थल है ।

No comments:

Post a Comment

stat counter